वित्त मंत्री पी चिदंबरम द्वारा पेश किया गए बजट में सीमा शुल्क, सेवा कर और उत्पाद शुल्क के ढांचे में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला लेकिन कई चीजों की कीमतों पर बजट प्रस्तावों से असर जरुर पड़ा है। इसी के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चिदंबरम द्वारा पेश किए गए बजट की प्रसंसा की लेकिन बीजेपी सहित सभी विपक्ष ने बजट की आलोचना की है। जहाँ एक तरफ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बजट को ‘किसान विरोधी और गरीब विरोधी बताया उन्होंने यह भी कहा कि वह बजट का संसद में विरोध करेंगे। वहीँ दूसरी तरफ सबसे अधिक आश्चर्य चकित करने वाली बात यह थी कि बीजेपी से गठजोड़ के बूते बिहार में सत्ता पर काबिज बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बजट के लिए चिदंबरम का शुक्रिया अदा किया। उनका कहना यह था कि इस बार के बजट से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग में मदद मिलेगी।
खैर बजट के आने के बाद वाद विवाद तो आम बात है। किसी को कुछ मिलता है तो किसी को कुछ किसी को कुछ नहीं मिलता तो किसी को कुछ नहीं मिलता। इसी के साथ हर बार की तरह चाहे न चाहे चीजे सस्ती महंगी होती है तो आइये जानते है क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा।
महंगा
१. बाहर खाना – सभी ए.सी. रेस्त्रां सर्विस टैक्स के दायरे में आएंगे।
२. सिगरेट और सिगार – एक्साइज ड्यूटी बढ़कर 18 फीसदी हुई।
३. एस यू वी गाडियों पर ड्यूटी 30 फीसदी की गई।
४. लग्जरी मोटर कार पर एक्साइज ड्यूटी में 100 फीसदी इजाफा।
५. 800 सीसी से अधिक क्षमता वाली विदेशी मोटरसाइकिलें महंगी।
६. 2,000 रुपए से ज़्यादा की कीमत वाले मोबाइल फोन पर 6 फीसदी ड्यूटी लगेगी।
७. सेट टॉप बाक्स, और सिल्क के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी।
सस्ता
१. चमड़ा और चमड़े के सामान पर ड्यूटी घटी
२. मंहगे स्टोन्स सस्ते होंगे
३. सूती कपड़े पर एक्साइज़ ड्यूटी हटाई
४. खाने-पीने की चीजें महंगी नहीं होंगी.
५. पुरुष यात्री विदेश से 50 हज़ार रुपए तक का ड्यूटी फ्री गोल्ड ला सकेंगे
६. महिला यात्री विदेश से एक लाख रुपए तक का ड्यूटी फ्री गोल्ड ला सकेंगे
वित्त मंत्री ने किसको कितना दिया धन:
रक्षा बजट के लिए – 2.03 लाख करोड़ रुपए दिए गये
महिला विकास के लिए – 97,134 करोड़ रुपए दिए गये
ग्रामीण विकास के लिए – 80,194 करोड़ रुपए दिए गये
बाल विकास के लिए – 77,236 करोड़ रुपए दिए गये
शिक्षा के लिए – 65,867 करोड़ रुपए दिए गये
अनुसूचित जाति कल्याण के लिए – 41,161 करोड़ रुपए दिए गये
अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए – 24,598 करोड़ रुपए दिए गये
स्वास्थ्य के लिए – 37,330 करोड़ रुपए दिए गये
कृषि क्षेत्र के लिए – 27049 करोड़ रुपए दिए गये
सैनिटेशन के लिए – 15,261 करोड़ रुपए दिए गये
अल्पसंख्यक कल्याण के लिए – 3,511 करोड़ रुपए दिए गये
मनरेगा के लिए – 33,000 करोड़ रुपए दिए गये
सर्व शिक्षा अभियान के लिए – 27,000 करोड़ रुपए दिए गये
मिड डे मील स्कीम के लिए – 13,215 करोड़ रुपए दिए गये