सोनांचल में दूषित पेयजल की समस्या गम्भीर रूप ले चुकी है। नक्सल प्रभावित चोपन, दुद्धी,
कार्य को महत्व देने वाले वाले विकलांग वीरहरण मांझी कहते हैं कि अभी बीस साल
सच ही कहा गया है होसले बुलंद हो तो दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं